भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आई.आई.टी.आर.), लखनऊ की स्थापना 1965 में हुई जो कि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान
परिषद् की
संघटक प्रयोगशाला है। इसका "शहर परिसर" महात्मा गाँधी मार्ग और "घेरू परिसर"
लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर 17-18 वें किलोमीटर के मध्य स्थित है।
आई.आई.टी.आर. विषविज्ञान के आला क्षेत्रों में शोध संचालित करती है। इसमें
औद्योगिक और पर्यावरण संबंधी रसायनों के मानव स्वास्थ्य
और पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव एवं वायु, जल एवं मिट्टी में प्रदूषकों के
पर्यावरण संबंधी अनुवीक्षण सम्मिलित हैं।
संस्थान नियामक निकायों को रसायनों /उत्पादों के सुरक्षित उपयोग हेतु दिशा-निर्देश बनाने/संशोधित करने में भी सहायता
प्रदान करता है एवं यह सुनिश्चित करता है कि जनसामान्य को इसका लाभ मिले
। प्रयोगशाला का आदर्शवाक्य "पर्यावरण और स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं उद्योग के
सेवार्थ" है।